#तारणहार_संतरामपालजी_महाराज 💠कौन हैं संत रामपाल जी महाराज? विश्नोई धर्म के संस्थापक संत जम्भेश्वर जी ने शब्द वाणी सं. 102 में कहा है: विष्णु-विष्णु भण अजर जरी जै, धर्म हुवै पापां छुटिजै। हरि पर हरि को नाम जपीजै, हिरयालो हरि आण हरूं, हरि नारायण देव नरूं। आशा सास निरास भइलो, पाइलो मोक्ष दवार खिंणू।